सरसों बाजार में उतार-चढ़ाव जारी, कम आवक से सपोर्ट और प्लांट रेट में हलचल। जानिए क्या सलोनी रेट ₹8000 पार करेगा और आगे बाजार का रुख क्या रहेगा।
सरसों बाजार में उतार-चढ़ाव जारी – क्या ₹8000 पार करेगा सलोनी रेट?
सरसों बाजार इस समय अस्थिरता के दौर से गुजर रहा है, जहां एक ओर कम आवक बाजार को सहारा दे रही है, वहीं दूसरी ओर वैश्विक परिस्थितियां और युद्ध का माहौल बाजार की दिशा तय कर रहे हैं। पिछले कुछ दिनों में बाजार में तेजी और नरमी दोनों देखने को मिली है, जिससे व्यापारियों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
आवक में कमी से बाजार को सहारा
इस सीजन में सरसों की आवक पिछले साल की तुलना में काफी कम रही है। आंकड़ों के अनुसार, जहां पिछले साल 17 मार्च से 24 मार्च के बीच लगभग 1 करोड़ बोरी सरसों की आवक हुई थी, वहीं इस साल इसी अवधि में यह आंकड़ा करीब 81 लाख बोरी तक सीमित रहा।
यानी लगभग 15–20 लाख बोरी की कमी ने बाजार को मजबूत आधार दिया है।
यह कमी मुख्य रूप से मौसम की अनिश्चितता और बेमौसम बारिश के कारण मानी जा रही है।
हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल फसल को लेकर किसी बड़ी कमजोरी का अनुमान लगाना जल्दबाजी होगी।
बाजार में उतार-चढ़ाव का माहौल
पिछले 2–3 दिनों में बाजार में कई बार बदलाव देखने को मिला है। कभी तेजी तो कभी गिरावट, लेकिन कुल मिलाकर बाजार ऊपरी स्तर पर टिके रहने की कोशिश कर रहा है।
- जयपुर में सरसों का भाव लगभग ₹7000 के आसपास
- भरतपुर में करीब ₹6800 के स्तर पर कारोबार
मंडी के जानकारों का कहना है कि बाजार फिलहाल “देखो और इंतजार करो” की स्थिति में है।
सोयाबीन और वैश्विक संकेत
सोयाबीन बाजार में इस समय ज्यादा हलचल नहीं देखी जा रही है, जिससे संकेत मिल रहा है कि सरसों बाजार की तेजी भी धीरे-धीरे सीमित हो सकती है।
अगर आवक बढ़ती है तो बाजार पर दबाव बनना तय है
युद्ध या वैश्विक तनाव बढ़ने पर बाजार में फिर तेजी आ सकती है
यानी बाजार पूरी तरह बाहरी और घरेलू दोनों कारकों पर निर्भर बना हुआ है।
प्लांट्स पर मिलाजुला रुख
सरसों के प्लांट्स पर भी दिनभर उतार-चढ़ाव देखने को मिला।
- सलोनी प्लांट रेट ₹7750 से ₹7850 के बीच रहा
- अदानी प्लांट पर लगभग ₹50 की कमजोरी
- गोयल कोटा प्लांट पर ₹100 तक की गिरावट
इससे साफ है कि प्लांट स्तर पर भी कोई स्पष्ट ट्रेंड नहीं बन पाया है।
तेल और खल बाजार अपडेट
सरसों खल में मजबूती देखने को मिली है:
- जयपुर में खल लगभग ₹2825
- भरतपुर में ₹2900 तक रिपोर्ट
वहीं तेल बाजार में भी हल्की मजबूती रही:
- जयपुर एक्सपेलर तेल ₹20 बढ़कर ₹1485
- अलवर में कच्ची घानी तेल ₹1500 के पार
यह संकेत देता है कि प्रोसेसिंग सेक्टर में मांग अभी भी बनी हुई है।
आगे का बाजार रुख
बाजार की दिशा अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।
अगर आवक बढ़ती है तो दबाव आएगा
अगर वैश्विक तनाव बढ़ता है तो तेजी लौट सकती है
विशेषज्ञों के अनुसार:
- सलोनी प्लांट पर ₹8000 का स्तर मजबूत रेजिस्टेंस है
- इसके ऊपर जाने पर ही बड़ी तेजी संभव है
- नीचे की तरफ ₹6500–6700 मजबूत सपोर्ट माना जा रहा है
निष्कर्ष
ऐसे में व्यापारियों को जल्दबाजी से बचते हुए संतुलित और समझदारी से व्यापार करना चाहिए।

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