कमोडिटी बाजार में अलग-अलग चाल, धातुओं से लेकर कृषि जिंसों तक मांग ने तय की दिशा

 

कमोडिटी बाजार में अलग-अलग चाल, धातुओं से लेकर कृषि जिंसों तक मांग ने तय की दिशा

कमोडिटी बाजार में अलग-अलग चाल, धातुओं से लेकर कृषि जिंसों तक मांग ने तय की दिशा

शुक्रवार के कारोबार में कमोडिटी बाजार का रुख किसी एक सामान्य ट्रेंड से नहीं चला। अलग-अलग जिंसों में मांग, उपलब्धता और कारोबारियों की पोजिशनिंग के आधार पर अलग तस्वीर देखने को मिली। जहां एमसीएक्स पर कॉपर कमजोर रहा, वहीं एल्युमीनियम और जिंक में खरीदारी का सहारा मिला। दूसरी ओर एनसीडीईएक्स पर कॉटनसीड ऑयलकेक में दबाव रहा, जबकि ग्वार सीड, ग्वार गम और धनिया में मजबूती देखने को मिली।

इस कारोबार ने साफ संकेत दिया कि फिलहाल कमोडिटी बाजार में एकसमान तेजी या मंदी के बजाय जिंस-विशेष मांग और सप्लाई की स्थिति ज्यादा प्रभाव डाल रही है।

कॉपर पर घरेलू मांग का दबाव

कॉपर के अगस्त वायदा अनुबंध में शुक्रवार को कमजोरी रही। भाव ₹1.35 घटकर ₹1,374.50 प्रति किलोग्राम पर आ गया। कारोबार के दौरान 3,177 लॉट में सौदे हुए।

बाजार में औद्योगिक उपभोक्ताओं की खरीदारी कमजोर रहने से कॉपर को पर्याप्त सहारा नहीं मिल पाया। फिजिकल मार्केट में मांग सुस्त रहने के कारण ऊपरी स्तरों पर खरीदारी सीमित रही और भाव दबाव में दिखाई दिए।

कॉपर की चाल फिलहाल इस बात पर निर्भर करेगी कि औद्योगिक सेक्टर से वास्तविक मांग कितनी तेजी से लौटती है।

एल्युमीनियम में खरीदारी से मजबूती

कॉपर के विपरीत एल्युमीनियम में बाजार का रुख सकारात्मक रहा। अगस्त अनुबंध 55 पैसे बढ़कर ₹347.35 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया। इस दौरान 329 लॉट का कारोबार दर्ज हुआ।

फिजिकल बाजार में बेहतर खरीदारी और उपभोक्ता उद्योगों की मांग ने एल्युमीनियम को समर्थन दिया। कारोबारियों ने नई पोजिशन बनाई, जिससे धातु की कीमतों में मजबूती बनी रही।

जिंक ने भी पकड़ी तेजी

जिंक में भी घरेलू मांग का असर साफ दिखाई दिया। अगस्त वायदा ₹2.10 की बढ़त के साथ ₹397.30 प्रति किलोग्राम पर पहुंचा। कारोबार का आकार 1,065 लॉट रहा।

फिजिकल मार्केट में खरीदारी बढ़ने से नई पोजिशन बनी और जिंक के भाव ऊपर गए। मौजूदा कारोबार में मजबूत मांग जिंक के लिए प्रमुख सपोर्ट फैक्टर रही।

कॉटनसीड ऑयलकेक में कमजोरी

एनसीडीईएक्स पर कॉटनसीड ऑयलकेक का सितंबर अनुबंध दबाव में रहा। भाव ₹18 गिरकर ₹3,764 प्रति क्विंटल रह गया। ओपन इंटरेस्ट 25,070 लॉट दर्ज हुआ।

हाजिर बाजार की कमजोर स्थिति और मौजूदा भावों पर बिक्री बढ़ने से कीमतों पर दबाव आया। खरीदारी को लेकर कारोबारियों का रुख सतर्क रहने से बाजार में मजबूत रिकवरी नहीं बन पाई।

ग्वार सीड में हल्की तेजी

ग्वार सीड ने शुक्रवार को विपरीत रुख दिखाया। सितंबर अनुबंध ₹6 बढ़कर ₹5,959 प्रति क्विंटल पर पहुंच गया। ओपन इंटरेस्ट 49,845 लॉट रहा।

हालांकि फिजिकल मार्केट की स्थिति बहुत मजबूत नहीं थी, लेकिन वायदा बाजार में पोजिशन बढ़ने से भाव को सहारा मिला। खरीदारी बढ़ने के कारण ग्वार सीड मामूली बढ़त के साथ कारोबार करता रहा।

ग्वार गम में भी खरीदारी का सहारा

ग्वार गम में तेजी ग्वार सीड से थोड़ी अधिक रही। सितंबर अनुबंध ₹11 बढ़कर ₹11,676 प्रति क्विंटल पर पहुंच गया। ओपन इंटरेस्ट 61,725 लॉट दर्ज किया गया।

हाजिर बाजार में मांग मजबूत रहने से कारोबारियों की दिलचस्पी बढ़ी। नई पोजिशन बनने और खरीदारी बढ़ने से ग्वार गम ने सकारात्मक रुख बनाए रखा।

धनिया में भी मजबूती

एनसीडीईएक्स पर धनिया ने भी शुक्रवार को बढ़त दर्ज की। उपलब्ध कारोबार में खरीदारी की रुचि बढ़ने और सप्लाई के सीमित रहने से बाजार को सहारा मिला।

इससे कृषि जिंसों में भी यह साफ नजर आया कि जहां उपलब्धता सीमित है और मांग बनी हुई है, वहां कीमतों को समर्थन मिल रहा है।

सोने में पहले गिरावट, बाद में संभला बाजार

बहुमूल्य धातुओं में शुरुआत कुछ कमजोर रही। दिल्ली के सर्राफा बाजार में 99.9% शुद्धता वाले सोने का भाव ₹800 घटकर ₹1,56,200 प्रति 10 ग्राम रह गया। यह लगातार दूसरी गिरावट थी। इससे पहले गुरुवार को सोना ₹1,57,000 प्रति 10 ग्राम पर था।

दिल्ली में चांदी का भाव ₹2,40,000 प्रति किलोग्राम पर स्थिर रहा, जिसमें टैक्स शामिल है।

हाल की तेजी के बाद ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली और अंतरराष्ट्रीय बाजार के शुरुआती कमजोर संकेतों ने सोने पर दबाव बनाया। ऊंचे भाव पर नई खरीदारी करने में निवेशकों की हिचक भी देखने को मिली।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने को डॉलर से मिला सहारा

बाद के कारोबार में तस्वीर कुछ बदली। डॉलर कमजोर होने और अमेरिका से आए अपेक्षाकृत नरम महंगाई संकेतों के बाद सोने में दोबारा खरीदारी लौटी।

स्पॉट गोल्ड $4,351.01 प्रति औंस तक नीचे आया, जबकि चांदी में करीब 0.33% की बढ़त के साथ भाव $64.68 प्रति औंस रहा।

विश्लेषकों के मुताबिक सोने ने करीब $4,300 के आसपास सपोर्ट की परीक्षा ली। कच्चे तेल की कीमतों में सुधार भी बाजार की धारणा को प्रभावित करने वाला एक कारक रहा।

एमसीएक्स और कॉमेक्स में बाद में रिकवरी

बाद के डेरिवेटिव कारोबार में बहुमूल्य धातुओं ने सुधार किया।

भारतीय समयानुसार 20:16 बजे के आसपास अक्टूबर एमसीएक्स गोल्ड 0.7% बढ़कर ₹1,54,525 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। इसी समय कॉमेक्स दिसंबर गोल्ड करीब 0.5% बढ़कर $4,443.8 प्रति औंस रहा।

सितंबर एमसीएक्स सिल्वर भी 0.7% बढ़कर ₹2,36,981 प्रति किलोग्राम पहुंची, जबकि कॉमेक्स सिल्वर में करीब 1% की तेजी के साथ भाव $65.64 प्रति औंस रहा।

अगस्त की तेज तेजी के बाद मुनाफावसूली का खतरा

बाजार विश्लेषकों के अनुसार एमसीएक्स गोल्ड अगस्त में अब तक करीब 9.5% चढ़ चुका है। इतनी तेज तेजी के बाद बीच-बीच में मुनाफावसूली होना स्वाभाविक माना जा सकता है।

इसलिए सोने में आगे की चाल केवल घरेलू खरीदारी से तय नहीं होगी। डॉलर, अमेरिकी ब्याज दरों की उम्मीद, महंगाई के आंकड़े और वैश्विक जोखिम भी बाजार के लिए महत्वपूर्ण रहेंगे।

डॉलर में कमजोरी से कीमती धातुओं को राहत

भारतीय समयानुसार करीब 20:18 बजे डॉलर इंडेक्स 0.4% गिरकर 99.52 पर था।

डॉलर कमजोर होने पर आमतौर पर डॉलर में कीमत वाले सोने और चांदी की मांग को समर्थन मिल सकता है। यही कारण है कि शुरुआती दबाव के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमती धातुओं की खरीदारी दोबारा बढ़ी।

अमेरिकी महंगाई के संकेत और फेड की अगली चाल

अमेरिका से आए आंकड़ों में जुलाई के दौरान प्रोड्यूसर प्राइस में कोई बदलाव नहीं हुआ। सस्ती वस्तुओं की कीमतों ने सर्विस सेक्टर में हुई मामूली बढ़त की भरपाई की। उपभोक्ता कीमतों में भी बहुत सीमित वृद्धि दर्ज हुई।

बाजार में अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व की सितंबर बैठक को लेकर उम्मीदें बनी हुई हैं। CME FedWatch के अनुसार फेड द्वारा सितंबर में ब्याज दरों को यथावत रखने की संभावना 69.4% आंकी गई, जो एक दिन पहले 66.1% थी।

आने वाले मौद्रिक नीति संकेत सोने और चांदी के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।

हॉरमुज संकट बना दोधारी संकेत

स्ट्रेट ऑफ हॉरमुज को लेकर बनी अनिश्चितता भी कमोडिटी बाजार के लिए महत्वपूर्ण है।

अगर यहां से तेल आपूर्ति में बाधा आती है तो कच्चे तेल की कीमतों में तेजी लौट सकती है। इससे वैश्विक महंगाई की चिंता बढ़ सकती है और अमेरिकी फेड की ब्याज दर नीति को लेकर तस्वीर जटिल हो सकती है।

यानी भू-राजनीतिक घटनाक्रम एक तरफ सोने को सुरक्षित निवेश की मांग दे सकता है, लेकिन दूसरी तरफ बढ़ती महंगाई के कारण ब्याज दरों को लेकर अलग दबाव पैदा कर सकता है।

केंद्रीय बैंकों की खरीद भी सोने के लिए अहम

बाजार विश्लेषण में केंद्रीय बैंकों की खरीद को भी सोने की मजबूती का एक महत्वपूर्ण आधार माना जा रहा है। खासकर चीन की ओर से खरीदारी ने निवेशकों का ध्यान खींचा है।

सोने के $4,000 प्रति औंस से ऊपर बने रहने में मजबूत निवेश मांग और केंद्रीय बैंक खरीदारी की भूमिका महत्वपूर्ण बताई जा रही है।

अब बाजार की नजर अमेरिकी फेड की जुलाई बैठक के मिनट्स पर रहेगी। इससे आगे की मौद्रिक नीति को लेकर बाजार को कुछ अतिरिक्त संकेत मिल सकते हैं।

कमोडिटी बाजार से क्या संकेत मिल रहे हैं?

शुक्रवार का कारोबार बताता है कि फिलहाल कमोडिटी बाजार में किसी एक दिशा की मजबूत पकड़ नहीं है।

धातुओं में ही कॉपर कमजोर रहा, जबकि एल्युमीनियम और जिंक में तेजी आई। कृषि जिंसों में कॉटनसीड ऑयलकेक दबाव में रहा, लेकिन ग्वार सीड, ग्वार गम और धनिया ने बढ़त बनाई।

इसका मुख्य कारण अलग-अलग जिंसों में मांग और उपलब्धता का अलग संतुलन है।

आगे बाजार की दिशा समझने के लिए फिजिकल डिमांड, मंडी आवक, औद्योगिक खपत, वैश्विक कीमतें और सप्लाई की स्थिति सबसे महत्वपूर्ण संकेतक बने रहेंगे।

निष्कर्ष

शुक्रवार का कमोडिटी कारोबार यह दिखाता है कि बाजार फिलहाल व्यापक तेजी या मंदी के बजाय जिंस-विशेष फैक्टरों पर प्रतिक्रिया दे रहा है।

कॉपर में कमजोर औद्योगिक मांग ने दबाव बनाया, जबकि एल्युमीनियम और जिंक को बेहतर खरीदारी का लाभ मिला। कृषि बाजार में कॉटनसीड ऑयलकेक कमजोर रहा, वहीं ग्वार सीड, ग्वार गम और धनिया में खरीदारी का रुख मजबूत रहा।

सोने में भी शुरुआत की कमजोरी बाद में कम हुई और डॉलर में नरमी तथा अमेरिकी महंगाई के संकेतों के बाद वायदा बाजार में खरीदारी लौट आई।

आने वाले कारोबारी सत्रों में घरेलू मांग, वैश्विक आर्थिक आंकड़े, अमेरिकी ब्याज दरों की उम्मीद, कच्चे तेल की चाल और प्रमुख कृषि जिंसों की उपलब्धता बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

नोट: यह समाचार उपलब्ध बाजार आंकड़ों और रिपोर्टेड कारोबारी संकेतों का पुनर्लेखित विश्लेषण है। इसमें दिए गए भाव संबंधित कारोबारी सत्र के हैं और बाजार परिस्थितियों के अनुसार बदल सकते हैं। इसे निवेश या व्यापार की निश्चित सलाह न माना जाए।

Disclaimer: यह लेख उपलब्ध बाजार आंकड़ों और कारोबारी रिपोर्ट के आधार पर तैयार किया गया है। भाव और बाजार की स्थिति तेजी से बदल सकती है। इसे निवेश, खरीद-बिक्री या व्यापार की सलाह न माना जाए। कोई भी निर्णय लेने से पहले अपने स्तर पर जानकारी और जोखिम का आकलन करें।


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