गुजरात में खरीफ फसल क्षेत्र में 1.88 लाख हेक्टेयर की कमी, कपास और सोयाबीन ने बढ़ाया रकबा

 

गुजरात में खरीफ फसल क्षेत्र में 1.88 लाख हेक्टेयर की कमी, कपास और सोयाबीन ने बढ़ाया रकबा

गुजरात में खरीफ फसल क्षेत्र में 1.88 लाख हेक्टेयर की कमी, कपास और सोयाबीन ने बढ़ाया रकबा

17 अगस्त 2026 | गुजरात खरीफ फसल क्षेत्र रिपोर्ट

गुजरात में इस साल खरीफ फसलों की बुवाई का कुल रकबा पिछले साल की तुलना में थोड़ा नीचे दिखाई दे रहा है। 17 अगस्त 2026 तक उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक राज्य में खरीफ की प्रमुख फसलों का कुल क्षेत्रफल 76.17 लाख हेक्टेयर दर्ज हुआ है, जबकि पिछले साल इसी समय यह आंकड़ा 78.05 लाख हेक्टेयर था।

यानी कुल खरीफ क्षेत्र में करीब 1.88 लाख हेक्टेयर की कमी आई है। हालांकि पूरी तस्वीर सिर्फ गिरावट की नहीं है। कुछ फसलों में रकबा पिछले साल से बढ़ा है, जिनमें कपास और सोयाबीन प्रमुख हैं। वहीं मूंगफली, अरंडी, तिल और मूंग जैसी फसलों के क्षेत्र में कमी दिखाई दे रही है।

आंकड़े गुजरात कृषि विभाग के आधार पर हैं।

कुल अनाज क्षेत्र में मामूली कमी

गुजरात में धान, बाजरा, ज्वार और मक्का को मिलाकर कुल अनाज का क्षेत्र इस समय 12.89 लाख हेक्टेयर है। पिछले साल यह करीब 13.22 लाख हेक्टेयर था।

इस तरह अनाज फसलों का क्षेत्र लगभग 33,254 हेक्टेयर घटा है।

धान का रकबा इस बार 8,42,241 हेक्टेयर दर्ज हुआ, जबकि पिछले साल 8,69,565 हेक्टेयर था। यानी धान में करीब 27,324 हेक्टेयर की कमी आई है।

बाजरा भी पिछले साल के 1,62,438 हेक्टेयर से घटकर 1,55,975 हेक्टेयर रह गया है।

इसके विपरीत ज्वार का रकबा बढ़ा है। ज्वार इस साल 13,192 हेक्टेयर में बोया गया है, जबकि पिछले साल यह 7,387 हेक्टेयर था। यानी करीब 5,805 हेक्टेयर की बढ़ोतरी हुई।

मक्का का क्षेत्र जरूर थोड़ा घटा है और यह 2,69,752 हेक्टेयर रहा, जो पिछले साल के 2,74,466 हेक्टेयर से करीब 4,714 हेक्टेयर कम है।

दलहन में अरहर और उड़द ने दिखाई बढ़त

दलहन की तस्वीर भी पूरी तरह कमजोर नहीं है।

राज्य में कुल दलहन क्षेत्र इस समय 3,88,746 हेक्टेयर है। पिछले साल यह 3,97,496 हेक्टेयर था। यानी कुल दलहन क्षेत्र में करीब 8,750 हेक्टेयर की कमी हुई है।

लेकिन इस समूह के अंदर फसलों का प्रदर्शन अलग-अलग रहा।

अरहर (तूर) का रकबा बढ़कर 2,61,519 हेक्टेयर हो गया है, जबकि पिछले साल यह 2,58,063 हेक्टेयर था। यानी करीब 3,456 हेक्टेयर की बढ़ोतरी हुई।

उड़द में भी अच्छी बढ़त रही। इस साल इसका क्षेत्र 87,584 हेक्टेयर है, जबकि पिछले साल 75,712 हेक्टेयर था। यानी करीब 11,872 हेक्टेयर ज्यादा क्षेत्र में उड़द बोई गई है।

दूसरी तरफ मूंग का रकबा काफी कम हुआ है। पिछले साल के 47,395 हेक्टेयर के मुकाबले इस बार यह 28,666 हेक्टेयर रह गया। यानी करीब 18,729 हेक्टेयर की कमी

तिलहन में सबसे ज्यादा गिरावट अरंडी में

तिलहन फसलों के आंकड़े इस साल खास ध्यान खींच रहे हैं। कुल तिलहन क्षेत्र 27.41 लाख हेक्टेयर दर्ज हुआ है, जबकि पिछले साल यह करीब 28.44 लाख हेक्टेयर था।

यानी तिलहन का कुल रकबा करीब 1.03 लाख हेक्टेयर घटा है।

मूंगफली का क्षेत्र पिछले साल के 20,81,130 हेक्टेयर से घटकर 20,58,963 हेक्टेयर रहा। इसमें करीब 22,167 हेक्टेयर की कमी हुई।

तिल में भी बड़ी गिरावट देखने को मिली। इसका क्षेत्र 40,077 हेक्टेयर से घटकर 16,742 हेक्टेयर रह गया। यानी करीब 23,335 हेक्टेयर की कमी

सबसे बड़ी गिरावट अरंडी में रही। अरंडी का रकबा 4,47,856 हेक्टेयर से घटकर 3,62,821 हेक्टेयर रह गया। यानी लगभग 85,035 हेक्टेयर की कमी

सोयाबीन का रकबा बढ़ा

तिलहन वर्ग में एक राहत देने वाला आंकड़ा सोयाबीन का है।

17 अगस्त तक गुजरात में सोयाबीन का क्षेत्र 3,02,410 हेक्टेयर दर्ज हुआ है। पिछले साल इसी समय यह 2,74,730 हेक्टेयर था।

यानी सोयाबीन में करीब 27,680 हेक्टेयर की बढ़ोतरी हुई है।

यह बदलाव सोयाबीन बाजार के लिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि देश के दूसरे प्रमुख उत्पादक राज्यों में बुवाई और मौसम की स्थिति के साथ गुजरात का रकबा भी कुल सप्लाई तस्वीर का हिस्सा बनेगा। सोयाबीन की कीमतों और नई फसल से जुड़े बाजार संकेतों पर हमारी सोयाबीन बाजार की ताजा रिपोर्ट में विस्तार से जानकारी दी गई है।

कपास ने सबसे ज्यादा बढ़ाया क्षेत्र

गुजरात के खरीफ आंकड़ों में सबसे बड़ी बढ़ोतरी कपास में दिखाई दे रही है।

कपास का क्षेत्र इस साल 21,35,094 हेक्टेयर दर्ज हुआ है, जबकि पिछले साल यह 20,68,334 हेक्टेयर था।

इस तरह कपास के रकबे में करीब 66,760 हेक्टेयर की बढ़ोतरी हुई है।

यह इस पूरी रिपोर्ट में किसी एक फसल की सबसे बड़ी सकारात्मक बढ़त है। गुजरात के कृषि बाजार और आगे चलकर कपास की उपलब्धता को देखते हुए इस आंकड़े पर कारोबारियों की नजर रह सकती है।

ग्वार सीड का क्षेत्र घटा

ग्वार सीड का रकबा इस साल 43,403 हेक्टेयर दर्ज हुआ है। पिछले साल इसी समय यह 67,646 हेक्टेयर था।

यानी ग्वार सीड के क्षेत्र में करीब 24,243 हेक्टेयर की कमी आई है।

ग्वार की बुवाई में आई यह कमी आगे चलकर नई फसल की संभावित उपलब्धता को लेकर बाजार के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत हो सकती है। हालांकि अंतिम उत्पादन का अनुमान केवल रकबे से नहीं लगाया जा सकता। मौसम, फसल की स्थिति और प्रति हेक्टेयर पैदावार भी उतनी ही महत्वपूर्ण होगी।

ग्वार बाजार में हाल की कीमतों और वायदा कारोबार की तस्वीर के लिए ग्वार और ग्वार गम की क्लोजिंग रिपोर्ट भी देखी जा सकती है।

गुजरात की खरीफ तस्वीर में क्या बदला?

अगर पूरे आंकड़े को एक साथ देखें तो इस साल गुजरात में फसल क्षेत्र का रुझान मिला-जुला है।

रकबा बढ़ने वाली प्रमुख फसलें:

  • कपास: +66,760 हेक्टेयर

  • सोयाबीन: +27,680 हेक्टेयर

  • उड़द: +11,872 हेक्टेयर

  • ज्वार: +5,805 हेक्टेयर

  • अरहर: +3,456 हेक्टेयर

वहीं दूसरी तरफ कई फसलों में क्षेत्र घटा है।

रकबा घटने वाली प्रमुख फसलें:

  • अरंडी: -85,035 हेक्टेयर

  • धान: -27,324 हेक्टेयर

  • ग्वार सीड: -24,243 हेक्टेयर

  • तिल: -23,335 हेक्टेयर

  • मूंगफली: -22,167 हेक्टेयर

  • मूंग: -18,729 हेक्टेयर

बाजार के लिए इसका क्या मतलब?

बुवाई के ये आंकड़े आने वाले महीनों में कृषि बाजार के लिए काफी महत्वपूर्ण हो सकते हैं। जिस फसल का रकबा बढ़ा है, वहां अच्छी पैदावार की स्थिति में नई फसल के दौरान उपलब्धता बढ़ सकती है। दूसरी ओर जिन फसलों का क्षेत्र कम हुआ है, उनके उत्पादन पर मौसम और उत्पादकता का असर ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाएगा।

हालांकि अभी सिर्फ बुवाई के आंकड़ों से कीमतों की दिशा तय करना सही नहीं होगा। बारिश का वितरण, फसल की ग्रोथ, रोग और कीट की स्थिति तथा आगे की मंडी आवक तस्वीर को बदल सकती है।

इसके साथ ही घरेलू मांग और अंतरराष्ट्रीय बाजार भी कीमतों पर असर डालेंगे। मौजूदा कमोडिटी बाजार में अलग-अलग कृषि जिंसों की चाल किस तरह मांग और सप्लाई से प्रभावित हो रही है, इसकी जानकारी कमोडिटी बाजार की ताजा रिपोर्ट में देखी जा सकती है।

चना बाजार से जुड़े आंकड़े भी महत्वपूर्ण

गुजरात की खरीफ तस्वीर के साथ दलहन बाजार पर भी नजर रखना जरूरी है। खासकर अरहर और उड़द के रकबे में बढ़ोतरी के कारण आने वाले समय में घरेलू उपलब्धता को लेकर बाजार की धारणा प्रभावित हो सकती है।

दूसरी तरफ भारत के चना बाजार में आयात की स्थिति भी सप्लाई बैलेंस के लिए महत्वपूर्ण बनी हुई है। चना आयात में आई बड़ी गिरावट की रिपोर्ट में जनवरी-जून 2026 के आयात आंकड़ों और पिछले साल के मुकाबले हुए बदलाव की जानकारी दी गई है।

इसी तरह काबुली चने के अंतरराष्ट्रीय कारोबार में तुर्की और UAE से जुड़े संकेत भी भारतीय बाजार के लिए उपयोगी हैं। अंतरराष्ट्रीय काबुली चना बाजार की रिपोर्ट में वैश्विक भाव और निर्यात बाजार की ताजा तस्वीर दी गई है।

आगे क्या देखना होगा?

अब गुजरात में सबसे ज्यादा ध्यान मौसम और फसल की स्थिति पर रहेगा। बुवाई का आंकड़ा एक शुरुआती संकेत देता है, लेकिन अंतिम उत्पादन खेत में फसल की स्थिति पर निर्भर करेगा।

खास तौर पर कपास और सोयाबीन जैसे बढ़े हुए रकबे वाली फसलों में अगर मौसम अनुकूल रहता है तो उत्पादन की तस्वीर मजबूत हो सकती है। वहीं कम रकबे वाली अरंडी, ग्वार, तिल और मूंग जैसी फसलों में बाजार आगे उपलब्धता को लेकर ज्यादा संवेदनशील रह सकता है।

अगले कुछ सप्ताह में बारिश का वितरण और फसल की बढ़वार इन आंकड़ों को और ज्यादा अर्थपूर्ण बनाएगी।

निष्कर्ष

17 अगस्त 2026 तक गुजरात के खरीफ फसल क्षेत्र की तस्वीर में कुल रकबे में करीब 1.88 लाख हेक्टेयर की कमी दिखाई दे रही है। राज्य में प्रमुख खरीफ फसलों का कुल क्षेत्र 76.17 लाख हेक्टेयर रहा, जबकि पिछले साल यह 78.05 लाख हेक्टेयर था।

इस कमी के बीच कपास में 66,760 हेक्टेयर और सोयाबीन में 27,680 हेक्टेयर की बढ़ोतरी खास तौर पर सामने आई है। वहीं अरंडी, ग्वार सीड, धान, तिल और मूंगफली जैसी फसलों का क्षेत्र कम हुआ है।

फिलहाल इन आंकड़ों को बाजार के लिए शुरुआती संकेत के रूप में देखना बेहतर होगा। आगे बारिश, फसल की स्थिति और अंतिम पैदावार ही बताएगी कि इस बदले हुए बुवाई क्षेत्र का मंडियों और कीमतों पर कितना असर पड़ता है।

स्रोत: गुजरात कृषि विभाग के आधार पर उपलब्ध 17 अगस्त 2026 के खरीफ फसल क्षेत्र के आंकड़े।

Disclaimer: यह खबर उपलब्ध फसल क्षेत्र के आंकड़ों पर आधारित है। रकबे में आगे बदलाव संभव है और इससे उत्पादन या कीमत की निश्चित भविष्यवाणी नहीं की जा सकती। इसे निवेश या व्यापारिक सलाह न माना जाए।

एक टिप्पणी भेजें

और नया पुराने
📢 अपना विज्ञापन लगवाएं
व्यापार को आगे बढ़ाएं, सीधे ग्राहक पाएं!
HIMANSHU AGRO पर अपने व्यापार, प्रोडक्ट या सर्विस का प्रचार करें और किसानों, व्यापारियों एवं खरीदारों तक पहुंच बनाएं।
🏪 दुकान   |   🏢 कंपनी
📦 प्रोडक्ट   |   🛠️ सर्विस   |   📢 B2B विज्ञापन
📲 विज्ञापन के लिए संपर्क करें
Limited Advertising Slots Available
📢 अपना विज्ञापन लगवाएं
व्यापार को आगे बढ़ाएं, सीधे ग्राहक पाएं!
HIMANSHU AGRO पर अपने व्यापार, प्रोडक्ट या सर्विस का प्रचार करें और किसानों, व्यापारियों एवं खरीदारों तक पहुंच बनाएं।
🏪 दुकान   |   🏢 कंपनी
📦 प्रोडक्ट   |   🛠️ सर्विस   |   📢 B2B विज्ञापन
📲 विज्ञापन के लिए संपर्क करें
Limited Advertising Slots Available