बड़ी इलायची की नीलामी में सिलीगुड़ी सबसे आगे, बड़ादाना ₹1,675 किलो तक पहुंचा
13 अगस्त 2026 | बड़ी इलायची नीलामी बाजार रिपोर्ट
बड़ी इलायची के कारोबार में 13 अगस्त की नीलामी के दौरान बाजारों के बीच भाव का अच्छा अंतर देखने को मिला। उपलब्ध आंकड़ों में सिलीगुड़ी ने सबसे ऊंचे भाव दर्ज किए, जबकि सिंगतम और गंगटोक में कीमतें इससे नीचे रहीं।
सिलीगुड़ी में बड़ादाना का भाव ₹1,675 प्रति किलो तक पहुंचा। इसी बाजार में छोटादाना के लिए ₹1,525 प्रति किलो का भाव दर्ज हुआ। दूसरी तरफ गंगटोक में दोनों किस्मों के भाव सबसे नीचे रहे।
सिलीगुड़ी में इलायची को मिला सबसे ऊंचा भाव
13 अगस्त की नीलामी में सिलीगुड़ी बाजार में बड़ादाना इलायची ₹1,675 प्रति किलो बिकी। छोटादाना का भाव भी ₹1,525 प्रति किलो रहा।
दोनों किस्मों में ₹150 प्रति किलो का अंतर रहा। उपलब्ध आंकड़ों में सिलीगुड़ी के दोनों भाव बाकी दोनों बाजारों से ऊपर रहे।
यही वजह है कि इस दिन की नीलामी में सिलीगुड़ी का बाजार सबसे मजबूत दिखाई दिया।
सिंगतम में बड़ादाना ₹1,500
सिंगतम में बड़ादाना का भाव ₹1,500 प्रति किलो दर्ज किया गया। छोटादाना के लिए खरीदारों ने ₹1,350 प्रति किलो तक का भाव दिया।
यहां भी दोनों ग्रेड के बीच ₹150 प्रति किलो का अंतर रहा।
सिलीगुड़ी की तुलना में सिंगतम में बड़ादाना और छोटादाना दोनों के भाव ₹175 प्रति किलो कम रहे।
गंगटोक में सबसे कम भाव
गंगटोक की नीलामी में बड़ादाना का भाव ₹1,450 प्रति किलो और छोटादाना का भाव ₹1,300 प्रति किलो रहा।
इस तरह तीनों बाजारों में गंगटोक के भाव सबसे नीचे रहे।
गंगटोक और सिंगतम के बीच दोनों किस्मों में ₹50 प्रति किलो का अंतर देखने को मिला।
तीनों बाजारों के भाव एक नजर में
| बाजार | बड़ादाना ₹/किलो | छोटादाना ₹/किलो |
|---|---|---|
| सिलीगुड़ी | 1,675 | 1,525 |
| सिंगतम | 1,500 | 1,350 |
| गंगटोक | 1,450 | 1,300 |
आंकड़ों से साफ है कि सिलीगुड़ी में बड़ी इलायची को सबसे अच्छा भाव मिला, जबकि गंगटोक में कीमत सबसे कम रही।
क्वालिटी के हिसाब से भी साफ रहा अंतर
एक और बात इस नीलामी में देखने को मिली। तीनों बाजारों में बड़ादाना का भाव छोटादाना से ₹150 प्रति किलो ज्यादा रहा।
इससे पता चलता है कि बाजार में दाने के आकार और क्वालिटी के हिसाब से भाव का अंतर बना हुआ है।
हालांकि केवल एक नीलामी के आधार पर आगे के बाजार की दिशा तय करना सही नहीं होगा। अगली नीलामियों में आवक और खरीदारों की जरूरत के हिसाब से तस्वीर बदल सकती है।
बाजार की दिशा समझने के लिए दूसरी जिंसों पर भी नजर
बड़ी इलायची का बाजार अलग से नहीं चलता। मसालों में मांग, निर्यात कारोबार और दूसरे कृषि जिंसों की कीमतों का माहौल भी कारोबारियों की धारणा पर असर डाल सकता है।
हाल में मसाला और कमोडिटी बाजार में अलग-अलग जिंसों में अलग चाल देखने को मिली है। डेली कमोडिटी मार्केट क्लोजिंग रिपोर्ट में धनिया, जीरा, काली मिर्च, हल्दी और इलायची समेत प्रमुख जिंसों की क्लोजिंग देखी जा सकती है।
मसालों के निर्यात के आंकड़े भी महत्वपूर्ण
बड़ी इलायची के लिए आगे की मांग को समझने में निर्यात बाजार की स्थिति भी उपयोगी संकेत दे सकती है। भारतीय मसालों के निर्यात में अलग-अलग उत्पादों की मांग में बदलाव देखने को मिल रहा है।
मसाला निर्यात की ताजा रिपोर्ट में अप्रैल-जून के दौरान प्रमुख मसालों के निर्यात की तुलना दी गई है।
अगर आने वाले महीनों में विदेशी मांग मजबूत रहती है तो मसालों के कारोबार में खरीदारी को सहारा मिल सकता है। लेकिन निर्यात आंकड़ों के साथ घरेलू मांग और उपलब्ध स्टॉक को भी देखना जरूरी रहेगा।
मौसम और कृषि बाजार का असर भी रहेगा
बड़ी इलायची समेत कृषि जिंसों के बाजार में मौसम की भूमिका काफी महत्वपूर्ण होती है। उत्पादन क्षेत्रों में बारिश और फसल की स्थिति बदलने पर आगे की उपलब्धता के अनुमान भी बदल सकते हैं।
गुजरात की खरीफ फसलों में इस साल कई जिंसों के रकबे में बदलाव सामने आया है। गुजरात खरीफ फसल क्षेत्र की रिपोर्ट में कपास, सोयाबीन, मूंगफली, अरंडी और ग्वार समेत प्रमुख फसलों के रकबे की जानकारी दी गई है।
इस तरह बड़े कृषि बाजार में उत्पादन, मौसम और मांग के आंकड़े आगे चलकर कीमतों के लिए महत्वपूर्ण रहेंगे।
अंतरराष्ट्रीय बाजार का असर भी नजर में
मसालों के साथ-साथ वैश्विक कृषि बाजार में सोयाबीन कॉम्प्लेक्स की चाल भी इस समय चर्चा में है। अमेरिकी बाजार में मौसम से जुड़ी खबरों के कारण CBOT पर सोयाबीन और सोया तेल में मजबूत कारोबार हुआ है।
CBOT सोयाबीन और सोया तेल की ताजा रिपोर्ट में अमेरिकी बाजार की क्लोजिंग और मौसम से जुड़े प्रमुख संकेत दिए गए हैं।
हालांकि सोयाबीन और बड़ी इलायची अलग-अलग जिंस हैं, लेकिन वैश्विक कमोडिटी बाजार का माहौल निर्यात लागत, मुद्रा और कारोबारी धारणा के स्तर पर व्यापक असर डाल सकता है।
अब बड़ी इलायची में क्या देखना होगा?
आगे की नीलामी में सबसे पहले यह देखना होगा कि सिलीगुड़ी में मिले ऊंचे भाव टिकते हैं या नहीं।
अगर लगातार नीलामियों में बड़ादाना और छोटादाना दोनों के भाव मजबूत बने रहते हैं तो बाजार में मांग का संकेत मजबूत माना जा सकता है।
इसके उलट यदि आवक बढ़ती है और खरीदार ऊंचे भाव पर खरीदारी कम करते हैं तो कीमतों में कुछ नरमी आ सकती है।
इसलिए आने वाले दिनों में सिलीगुड़ी, सिंगतम और गंगटोक की नीलामी को साथ में देखना ज्यादा उपयोगी रहेगा।
निष्कर्ष
13 अगस्त की बड़ी इलायची नीलामी में सिलीगुड़ी का बाजार सबसे मजबूत रहा। यहां बड़ादाना ₹1,675 और छोटादाना ₹1,525 प्रति किलो तक पहुंचा।
सिंगतम में दोनों भाव क्रमशः ₹1,500 और ₹1,350 रहे, जबकि गंगटोक में ₹1,450 और ₹1,300 प्रति किलो के भाव दर्ज हुए।
तीनों बाजारों में बड़ादाना और छोटादाना के बीच ₹150 प्रति किलो का अंतर रहा। फिलहाल नीलामी के आंकड़े बताते हैं कि सिलीगुड़ी में बड़ी इलायची को बेहतर भाव मिल रहा है, लेकिन आगे की दिशा जानने के लिए लगातार आने वाली नीलामियों में भाव और आवक दोनों पर नजर रखना जरूरी होगा।
स्रोत: 13 अगस्त 2026 के उपलब्ध Daily Auction Price of Large Cardamom आंकड़े।
Disclaimer: यह खबर उपलब्ध नीलामी भावों पर आधारित है। गुणवत्ता, आवक, मांग और बाजार की स्थिति के अनुसार वास्तविक भाव बदल सकते हैं। इसे निवेश या निश्चित खरीद-बिक्री की सलाह न माना जाए।
