खरीफ दालों की बुवाई अपडेट: उड़द में बढ़त, अरहर और मूंग की बुवाई घटी
20 अगस्त 2026 | खरीफ दाल बुवाई रिपोर्ट
खरीफ सीजन में दालों की बुवाई को लेकर इस समय बाजार की नजर लगातार राज्यों के आंकड़ों पर बनी हुई है। आपके दिए गए बुवाई अपडेट के अनुसार अरहर (Tur), उड़द (Urad) और मूंग (Mung) की तस्वीर एक जैसी नहीं है। उड़द की कुल बुवाई पिछले साल की तुलना में बढ़ी है, जबकि अरहर और मूंग में कमी दर्ज की गई है।
18 अगस्त के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार तीनों प्रमुख खरीफ दालों की कुल बुवाई 95.34 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गई है। इसमें अरहर की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा है, जबकि उड़द की बुवाई में सालाना आधार पर अच्छी बढ़त दिखाई दे रही है।
अरहर (Tur) की बुवाई 41.46 लाख हेक्टेयर
अरहर की कुल बुवाई 41.46 लाख हेक्टेयर बताई गई है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 3.96% कम है। अरहर में महाराष्ट्र सबसे आगे है। महाराष्ट्र में बुवाई 12.00 लाख हेक्टेयर रही और कुल हिस्सेदारी करीब 28.95% रही।
- महाराष्ट्र: 12.00 लाख हेक्टेयर
- कर्नाटक: 13.71 लाख हेक्टेयर
- उत्तर प्रदेश: 3.53 लाख हेक्टेयर
- गुजरात: 2.19 लाख हेक्टेयर
- मध्य प्रदेश: 3.24 लाख हेक्टेयर
- आंध्र प्रदेश: 1.34 लाख हेक्टेयर
- तेलंगाना: 1.77 लाख हेक्टेयर
अरहर में कर्नाटक की हिस्सेदारी सबसे अधिक करीब 33.06% बताई गई है। वहीं उत्तर प्रदेश में पिछले साल की तुलना में सबसे तेज बढ़त दर्ज हुई है। इसका मतलब यह है कि कुछ राज्यों में क्षेत्र बढ़ने के बावजूद प्रमुख उत्पादक क्षेत्रों में कमी के कारण कुल बुवाई पिछले साल से नीचे है।
उड़द (Urad) की बुवाई में सबसे मजबूत बढ़त
उड़द इस बार खरीफ दालों में सबसे मजबूत स्थिति में दिखाई दे रही है। कुल बुवाई 20.61 लाख हेक्टेयर रही, जो पिछले साल की तुलना में 13.10% अधिक है।
राज्यों में मध्य प्रदेश सबसे आगे रहा है। मध्य प्रदेश में उड़द की बुवाई 5.92 लाख हेक्टेयर बताई गई है। इसके बाद उत्तर प्रदेश और राजस्थान का स्थान है।
- मध्य प्रदेश: 5.92 लाख हेक्टेयर
- उत्तर प्रदेश: 3.69 लाख हेक्टेयर
- राजस्थान: 3.12 लाख हेक्टेयर
- महाराष्ट्र: 3.72 लाख हेक्टेयर
- कर्नाटक: 0.97 लाख हेक्टेयर
- गुजरात: 0.71 लाख हेक्टेयर
- ओडिशा: 0.48 लाख हेक्टेयर
उड़द में उत्तर प्रदेश की बुवाई पिछले वर्ष के मुकाबले 65.58% बढ़ी है। दूसरी ओर महाराष्ट्र में बुवाई में करीब 48.92% की कमी दिखाई गई है। यही अंतर कुल आंकड़ों में तेजी और कमजोरी दोनों को समझने में मदद करता है।
मूंग (Mung) की बुवाई 33.27 लाख हेक्टेयर
मूंग की कुल बुवाई 33.27 लाख हेक्टेयर रही, जो पिछले वर्ष के मुकाबले 4.15% कम है। मूंग की बुवाई में राजस्थान सबसे आगे है और कुल क्षेत्र में उसकी हिस्सेदारी करीब 36.25% है।
- राजस्थान: 23.24 लाख हेक्टेयर
- कर्नाटक: 4.16 लाख हेक्टेयर
- महाराष्ट्र: 2.08 लाख हेक्टेयर
- उत्तर प्रदेश: 0.42 लाख हेक्टेयर
- मध्य प्रदेश: 0.94 लाख हेक्टेयर
- गुजरात: 0.46 लाख हेक्टेयर
- तेलंगाना: 0.21 लाख हेक्टेयर
मूंग में उत्तर प्रदेश की बुवाई में 104.76% की तेज बढ़त दिखाई गई है। वहीं महाराष्ट्र में करीब 30.29% और मध्य प्रदेश में करीब 29.79% की कमी दर्ज हुई है।
तीनों दालों की कुल तस्वीर क्या बता रही है?
अरहर, उड़द और मूंग को मिलाकर कुल बुवाई 95.34 लाख हेक्टेयर है। इसमें अरहर की हिस्सेदारी सबसे बड़ी है और इसके बाद मूंग तथा उड़द का स्थान आता है।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि तीनों फसलों में बुवाई का रुझान अलग-अलग है। उड़द में बढ़त बाजार के लिए सकारात्मक संकेत है, जबकि अरहर और मूंग की कुल बुवाई में कमी आगे चलकर उत्पादन अनुमान पर चर्चा बढ़ा सकती है। हालांकि अभी बुवाई के आंकड़ों को सीधे उत्पादन की अंतिम तस्वीर नहीं माना जा सकता। आगे मौसम, बारिश और फसल की स्थिति भी उतनी ही महत्वपूर्ण रहेगी।
दालों के बाजार पर क्या असर पड़ सकता है?
दालों के कारोबार में बुवाई के आंकड़े काफी महत्वपूर्ण माने जाते हैं। अगर अरहर और मूंग की बुवाई में कमी आगे भी बनी रहती है और मौसम की वजह से पैदावार पर असर आता है, तो नई फसल के समय बाजार में भाव को सहारा मिल सकता है।
दूसरी तरफ उड़द की बुवाई में बढ़त रहने से नई फसल की उपलब्धता को लेकर उम्मीद बेहतर हुई है। इसलिए उड़द में आगे का बाजार केवल बुवाई के आंकड़ों से तय नहीं होगा, बल्कि फसल की स्थिति, मंडी आवक, आयात और दाल मिलों की मांग पर भी निर्भर करेगा।
अभी बाजार में किन बातों पर नजर रखें?
- अरहर की फसल वाले प्रमुख राज्यों में आगे की बारिश और फसल की स्थिति।
- राजस्थान में मूंग की फसल और आने वाली मंडी आवक।
- मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में उड़द की फसल की स्थिति।
- नई फसल आने से पहले दाल मिलों की खरीदारी।
- सरकार की आयात नीति और घरेलू उपलब्धता।
- NCDEX तथा अन्य कृषि जिंसों में चल रही तेजी-मंदी का असर।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर खरीफ दालों की बुवाई का आंकड़ा इस समय मिश्रित तस्वीर दिखा रहा है। अरहर 41.46 लाख हेक्टेयर, उड़द 20.61 लाख हेक्टेयर और मूंग 33.27 लाख हेक्टेयर पर है। उड़द में पिछले साल के मुकाबले बढ़त सबसे अच्छी है, जबकि अरहर और मूंग की बुवाई कम है।
आने वाले दिनों में बारिश और फसल की वास्तविक स्थिति इन आंकड़ों से ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाएगी। इसलिए दालों में व्यापार करने वालों को केवल बुवाई प्रतिशत देखकर निर्णय लेने के बजाय मौसम, आवक, सरकारी नीति और मंडी भाव को साथ में देखना चाहिए।
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नोट: इस रिपोर्ट में दिए गए बुवाई के आंकड़े आपके द्वारा उपलब्ध कराए गए 20 अगस्त के आधार पर लिखे गए हैं। बुवाई के आंकड़ों में बाद में संशोधन संभव है। इसे बाजार जानकारी के रूप में पढ़ें और व्यापारिक निर्णय लेने से पहले अपने स्तर पर ताजा मंडी भाव एवं बाजार की स्थिति की पुष्टि करें।
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