मटर बाजार में तेजी का रुख, कनाडा-रूस के आयातित भाव बढ़े; स्थानीय मंडियों में भी मजबूती

 

मटर बाजार में तेजी का रुख, कनाडा-रूस के आयातित भाव बढ़े; स्थानीय मंडियों में भी मजबूती

मटर बाजार में तेजी का रुख, आयातित माल के भाव बढ़े; स्थानीय मंडियों में भी मजबूत मांग

19 अगस्त 2026 | प्रमुख मंडियों में मटर के ताजा भाव

मटर के बाजार में बुधवार को कारोबार का रुख मजबूत दिखाई दिया। आयातित मटर के भाव में कनाडा और रूस दोनों माल में तेजी रही, जबकि स्थानीय मंडियों में भी नई मटर की कुछ किस्मों के भाव ऊंचे स्तर पर बने हुए हैं।

उपलब्ध बाजार भावों के अनुसार कनाडा और रूस की मटर में हाजीरा, मुंद्रा और कांडला जैसे आयात केंद्रों पर बढ़त दर्ज हुई। कोलकाता में भी भाव मजबूत रहे। दूसरी ओर उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की मंडियों में सफेद और हरी मटर की अलग-अलग क्वालिटी के हिसाब से भाव में अच्छा अंतर देखने को मिला।

आयातित मटर में कनाडा-रूस दोनों मजबूत

आयातित बाजार में हाजीरा में कनाडा की मटर ₹4,200 प्रति क्विंटल रही, जबकि रूस की मटर का भाव ₹4,100 दर्ज किया गया। दोनों में क्रमशः ₹25 और ₹50 की तेजी रही।

मुंद्रा में कनाडा माल ₹4,150–₹4,175 और रूस की मटर ₹4,075–₹4,100 के आसपास रही। यहां भी दोनों वैरायटी में पिछले भाव के मुकाबले मजबूती दिखाई दी।

कांडला में कनाडा मटर ₹4,200 और रूस की मटर ₹4,100 रही।

कोलकाता में आयातित माल सबसे ऊंचे स्तर पर दिखाई दिया। कनाडा मटर का भाव ₹4,500–₹4,525 और रूस की मटर का भाव ₹4,400–₹4,425 प्रति क्विंटल रहा।

इससे साफ है कि आयातित मटर में फिलहाल बाजार का रुख कमजोर नहीं है।

कानपुर में सफेद मटर का भाव बढ़ा

सभी भारत के उप-थोक बाजारों में कानपुर की सफेद मटर का भाव ₹4,400 प्रति क्विंटल दर्ज हुआ। इसमें ₹25 की तेजी रही।

सफेद मटर की मांग और उपलब्धता को देखते हुए आगे भी क्वालिटी के हिसाब से भाव में अंतर बने रहने की संभावना है।

उत्तर प्रदेश की मंडियों में अलग-अलग क्वालिटी के भाव

स्थानीय बाजार में ललितपुर की तस्वीर काफी दिलचस्प रही। यहां सफेद मटर की अलग-अलग क्वालिटी के भाव में बड़ा अंतर दिखाई दिया।

दाल क्वालिटी सफेद मटर ₹3,600–₹3,800 प्रति 50 किलो रही, जबकि पॉलिश सफेद मटर ₹3,900–₹4,200 प्रति 50 किलो तक बोली गई।

हरी मटर में भी अलग-अलग वैरायटी के हिसाब से भाव बदले। हरी डंकी ₹2,500–₹2,600, हरी देवंतवाड़ा ₹3,500–₹3,800 और हरी गोला ₹3,800–₹4,100 प्रति 50 किलो रही।

ललितपुर की आवक करीब 700 बोरी बताई गई।

उरई में भी हरी मटर की मांग बनी

उरई मंडी में सफेद मटर का भाव करीब ₹3,710 प्रति 50 किलो यानी ₹7,420 प्रति क्विंटल रहा।

हरी देवंतवाड़ा ₹3,000–₹3,525 प्रति 50 किलो और हरी M-7 तथा GS-10 करीब ₹3,000 प्रति 50 किलो के आसपास रही।

इन भावों से पता चलता है कि स्थानीय बाजार में क्वालिटी और वैरायटी के अनुसार मटर का कारोबार अलग-अलग स्तर पर हो रहा है।

मध्य प्रदेश में भी कारोबार जारी

मध्य प्रदेश की मंडियों में बीना और दमोह से मिले भावों में सफेद और हरी मटर दोनों का कारोबार दिखाई दिया।

बीना में सफेद मटर ₹3,600–₹4,250 प्रति क्विंटल और हरी मटर ₹3,500–₹4,000 के बीच रही। दमोह में सफेद मटर ₹3,900–₹4,250 और हरी मटर ₹3,000–₹3,600 प्रति क्विंटल दर्ज हुई।

खुरई में हरी मटर का भाव ₹2,800–₹3,500 प्रति क्विंटल रहा।

मटर बाजार की पूरी तस्वीर

बाजारमटर की किस्मभाव
हाजीराकनाडा₹4,200
हाजीरारूस₹4,100
मुंद्राकनाडा₹4,150–₹4,175
मुंद्रारूस₹4,075–₹4,100
कांडलाकनाडा₹4,200
कांडलारूस₹4,100
कोलकाताकनाडा₹4,500–₹4,525
कोलकातारूस₹4,400–₹4,425
कानपुरसफेद₹4,400
बीनासफेद₹3,600–₹4,250
दमोहसफेद₹3,900–₹4,250

आयातित मटर की कीमत घरेलू बाजार के लिए क्यों जरूरी?

मटर के बाजार में आयातित माल के भाव का असर घरेलू कारोबार पर भी पड़ता है। जब बंदरगाहों पर आने वाली मटर महंगी होती है, तो स्थानीय बाजार में भी नीचे के भाव पर माल उपलब्ध कराने का दबाव कम हो सकता है।

अभी हाजीरा, मुंद्रा, कांडला और कोलकाता में कनाडा तथा रूस की मटर में मजबूती दिखाई दे रही है। यदि यह स्थिति आगे भी बनी रहती है तो घरेलू बाजार में मटर के भाव को सहारा मिल सकता है।

हालांकि बाजार की दिशा सिर्फ आयातित मटर से तय नहीं होगी। स्थानीय आवक, दाल मिलों की खरीद और खपत भी अहम भूमिका निभाएगी।

दाल और दूसरी कृषि जिंसों की मांग भी असर डालेगी

मटर के कारोबार को समझने के लिए दाल बाजार की स्थिति भी देखना जरूरी है। किसानों और व्यापारियों के लिए सिर्फ मंडी भाव नहीं, बल्कि आयात और घरेलू खपत दोनों पर नजर रखना उपयोगी रहेगा।

इसी तरह दूसरे कृषि बाजारों में भी इस समय मांग और सप्लाई के आधार पर अलग-अलग चाल बनी हुई है। मक्का निर्यात में आई तेजी की रिपोर्ट में वियतनाम, बांग्लादेश और UAE की बढ़ी हुई खरीद की जानकारी दी गई है। मक्का में विदेशी मांग बढ़ना कृषि जिंसों के निर्यात बाजार की मौजूदा तस्वीर को समझने में मदद करता है।

मसालों में भी कारोबार तेज

मटर के साथ मसाला बाजार में भी अलग-अलग जिंसों की चाल पर नजर बनी हुई है। काली मिर्च में कम आवक के कारण हाल में भाव को सहारा मिला है। काली मिर्च बाजार की ताजा रिपोर्ट में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार के भाव की जानकारी दी गई है।

वहीं NCDEX पर मसाला जिंसों की हालिया क्लोजिंग में भी कई उत्पादों में मजबूत कारोबार देखने को मिला था। 18 अगस्त की NCDEX क्लोजिंग रिपोर्ट में धनिया, जीरा, हल्दी और दूसरी प्रमुख जिंसों के भाव दिए गए हैं।

ग्वार में आई तेजी भी बाजार के लिए चर्चा का विषय

कृषि जिंसों में ग्वार और ग्वार गम ने भी हाल के कारोबार में तेज चाल दिखाई है। ग्वार-ग्वार गम की ताजा क्लोजिंग में दोनों के प्रमुख कॉन्ट्रैक्ट की तेजी और क्लोजिंग स्तर बताए गए हैं।

इस तरह फिलहाल कृषि बाजार में एक तरफ कुछ जिंसों में सप्लाई का असर है, तो दूसरी तरफ कुछ बाजारों में मांग कीमतों को सहारा दे रही है।

आगे मटर बाजार में क्या देखना होगा?

आने वाले दिनों में सबसे पहले आयातित मटर की उपलब्धता पर नजर रहेगी। बंदरगाहों पर नए माल की आवक और कनाडा-रूस की कीमतों में बदलाव का सीधा असर घरेलू बाजार पर पड़ सकता है।

इसके साथ ललितपुर, उरई, बीना और दमोह जैसे स्थानीय बाजारों में आवक कितनी रहती है, यह भी महत्वपूर्ण होगा।

अगर आयातित माल के भाव मजबूत रहते हैं और स्थानीय बाजार में खरीदारी बनी रहती है, तो मटर में मौजूदा मजबूती आगे भी दिखाई दे सकती है। लेकिन आवक बढ़ने या मांग कमजोर पड़ने पर ऊंचे भाव पर दबाव आना भी संभव है।

खाद्य तेल बाजार का असर भी नजरअंदाज नहीं

कृषि जिंसों की बड़ी तस्वीर में खाद्य तेल बाजार भी महत्वपूर्ण है। सोयाबीन तेल के आयात में बढ़ोतरी की संभावना और सूरजमुखी तेल की सप्लाई से जुड़े बदलाव से तिलहन बाजार में हलचल बनी हुई है।

सोयाबीन तेल आयात की ताजा रिपोर्ट में अगस्त-सितंबर के संभावित आयात और अंतरराष्ट्रीय सप्लाई की स्थिति का विवरण दिया गया है।

बाजार का निष्कर्ष

19 अगस्त के उपलब्ध भावों में आयातित मटर में तेजी का रुख साफ दिखाई दे रहा है। हाजीरा, मुंद्रा और कांडला में कनाडा और रूस दोनों की मटर मजबूत रही, जबकि कोलकाता में भाव सबसे ऊंचे स्तर पर दर्ज हुए।

स्थानीय मंडियों में भी सफेद और हरी मटर की क्वालिटी के अनुसार अच्छे भाव मिल रहे हैं। ललितपुर और उरई में हरी मटर के कारोबार के साथ बीना और दमोह में सफेद मटर की खरीद-बिक्री बनी हुई है।

फिलहाल मटर बाजार में आयातित माल की कीमत और स्थानीय आवक दोनों महत्वपूर्ण संकेत हैं। आगे अगर बंदरगाहों पर भाव मजबूत रहते हैं और घरेलू मांग बनी रहती है, तो बाजार को सहारा मिल सकता है। दूसरी तरफ नई आवक बढ़ने पर भावों में अंतर देखने को मिल सकता है।

स्रोत: 19 अगस्त 2026 को उपलब्ध मटर मंडी भाव और आयातित बाजार के आंकड़े।

Disclaimer: यह पोस्ट उपलब्ध बाजार भावों की जानकारी पर आधारित है। मंडी भाव गुणवत्ता, आवक, मांग और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार बदल सकते हैं। इसे निवेश या निश्चित खरीद-बिक्री की सलाह न माना जाए।

एक टिप्पणी भेजें

और नया पुराने
📢 अपना विज्ञापन लगवाएं
व्यापार को आगे बढ़ाएं, सीधे ग्राहक पाएं!
HIMANSHU AGRO पर अपने व्यापार, प्रोडक्ट या सर्विस का प्रचार करें और किसानों, व्यापारियों एवं खरीदारों तक पहुंच बनाएं।
🏪 दुकान   |   🏢 कंपनी
📦 प्रोडक्ट   |   🛠️ सर्विस   |   📢 B2B विज्ञापन
📲 विज्ञापन के लिए संपर्क करें
Limited Advertising Slots Available
📢 अपना विज्ञापन लगवाएं
व्यापार को आगे बढ़ाएं, सीधे ग्राहक पाएं!
HIMANSHU AGRO पर अपने व्यापार, प्रोडक्ट या सर्विस का प्रचार करें और किसानों, व्यापारियों एवं खरीदारों तक पहुंच बनाएं।
🏪 दुकान   |   🏢 कंपनी
📦 प्रोडक्ट   |   🛠️ सर्विस   |   📢 B2B विज्ञापन
📲 विज्ञापन के लिए संपर्क करें
Limited Advertising Slots Available